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हर महिला के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही महतà¥â€à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ समय होता है। इस दौरान महिलाओं को à¤à¤¸à¥‡ आहार की जरूरत होती है जो उनके साथ-साथ गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠको à¤à¥€ सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखे। दूध को बहà¥à¤¤ पोषक माना जाता है और कई पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं के मन में यह सवाल होता है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में दूध पीना चाहिठया नहीं? और पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में दूध कब पीना चाहिà¤? आइठजानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में दूध पीना चाहिठया नहीं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में दूध पीने के फायदे
अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¡ और तनाव से दूर रहना चाहती हैं तो à¤à¤• गिलास दूध इसमें आपकी मदद कर सकता है। दूध पीने से शरीर में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की कमी नहीं होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में सीने में जलन और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ होना आम बात है। नॉन-फैट या लो फैट दूध पीने से कà¥à¤› हद तक सीने में जलन के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत मिल सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान विटामिन डी लेने से रिकेटà¥à¤¸ और जनà¥â€à¤® के समय वजन कम होने का खतरा घटता है। इसलिठपà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में दूध पीना मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठही फायदेमंद माना जाता है।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की कमी के कारण जनà¥â€à¤® के समय शिशॠका वजन कम होने का खतरा अधिक रहता है। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को मजबूत करता है, रकà¥â€à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाता है और शिशॠको पोषण देता है। à¤à¤• कप दूध से 8.22 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ किया जा सकता है।
à¤à¤• कप नॉन-फैट मिलà¥â€à¤• में 302 गà¥à¤°à¤¾à¤® कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है इसलिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सबसे अचà¥â€à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ दूध है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में महिलाà¤à¤‚ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की रोजाना की जरूरत को पूरा करने के लिठदिन में 3 से 4 कप दूध पी सकती हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में दूध पीने का सही तरीका
जितना आप दूध ले रहे हैं, उससे आधी मातà¥à¤°à¤¾ में पानी लें। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¤à¥€ à¤à¥€ गरà¥à¤® दूध का सेवन करना सही नहीं रहता है। इसकी जगह गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ दूध पीà¤à¤‚। दिनà¤à¤° में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ डेढ़ गिलास दूध पी सकती हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में दूध कब पीना चाहिà¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान कà¤à¥€ à¤à¥€ दूध का सेवन किया जा सकता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में दूध लेना नà¥à¤•सानदायक नहीं होता है लेकिन आपको इसे सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में ही लेना चाहिà¤à¥¤ दूध मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ के लिठलाà¤à¤•ारी होता है।
Pregnancy: जानें पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में सीढ़ी चढ़ना कब है सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और कब बन सकता है मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में बॉडी बैलेंस रहती है तो इस दौरान सीढ़ी चढ़ना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जाता है। लेकिन जब à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास तेजी से होने लगता है तो शरीर का गà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•रà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ बढ़ने लगता है और सीढ़ियां चढ़ते समय गिरने या फिसलने का जोखिम à¤à¥€ बढ़ सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 37वें हफà¥à¤¤à¥‡ में बचà¥à¤šà¤¾ पेलà¥à¤µà¤¿à¤• में आ जाता है जिससे सांस लेने में परेशानी नहीं होती है। हालांकि अगर जरूरी हो तो रेलिंग का सहारा लेकर धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़नी चाहिà¤à¥¤
सीढ़ियां चढ़ना à¤à¤• फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ है और इससे शरीर à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहता है। इसके अलावा à¤à¥€ सीढ़ी चढ़ने के कई फायदे होते हैं जैसे...
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में
à¤à¤• रिसरà¥à¤š में पाया गया है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सीढ़ियां चढ़ने से महिलाओं को पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ यानी उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है।
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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में सीढ़ियां चढ़ने से जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम हो जाती है। इससे पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी हेलà¥à¤¦à¥€ होती है।
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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सीढ़ियां चढ़ते या उतरते समय à¤à¤• हाथ से रेलिंग पकड़ें और दूसरा हाथ खाली रखें।यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें की सीढ़ियों पर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रोशनी हो। अंधेरे में सीढ़ी चढ़ने से बचें।यदि सीढ़ियों पर कारपेट बिछा हो तो यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि किसी à¤à¥€ सीढ़ी पर कारपेट मà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† न हो।धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़ें और कोई जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ न करें।अगर सीढ़ी चढ़ते समय सांस लेने में तकलीफ हो तो रà¥à¤•कर आराम करें।सीढ़ी गीली या फिसलन à¤à¤°à¥€ नहीं होनी चाहिà¤à¥¤à¤¢à¥€à¤²à¥‡ कपड़े पहनकर सीढ़ियां चढ़ने से बचें।
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यदि आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी हेलà¥à¤¦à¥€ है तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही तक सीढ़ी चढ़ना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है। लेकिन निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के सामने आने पर सीढ़ी चढ़ने से बचना चाहिà¤:
बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚गउचà¥à¤š या निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ªà¤•ोई बीमारी या बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र में उतार चढ़ाव
इस पà¥à¤°à¤•ार जब तक आपको सीढ़ियां चढ़ने में कोई परेशानी नहीं महसूस होती है तब तक आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान सीढ़ियां चढ़ सकती हैं। हालांकि हमेशा रेलिंग पकड़कर ही सीढ़ी चढ़ने की कोशिश करनी चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में गाय का दूध पीने के फायदे
कई तरह के दूध उपलबà¥â€à¤§ हैं- जैसे कि बकरी का दूध, सोया मिलà¥â€à¤•, बादाम का दूध, नारियल का दूध और केसर का दूध। लेकिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठगाय का दूध सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद होता है। गाय के दूध में à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹ à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥à¤¸ होते हैं जो कि मां और à¤à¥à¤°à¥‚ण में कोशिकाओं के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में मदद करते हैं। गाय का दूध आसानी से मिल à¤à¥€ जाता है। इससे शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत होती हैं।
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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में दूध पीने के नà¥à¤•सान
वैसे तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में दूध पीना फायदेमंद होता है लेकिन किसी à¤à¥€ चीज की अति नà¥à¤•सान ही देती है। आपको डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताई गई मातà¥à¤°à¤¾ में ही दूध का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध पीने से अपच और पेट फूलने की समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो सकती है। दूध और दूध से बने उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ में थोड़ा बदलाव कर के उनका सेवन किया जा सकता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान दिनà¤à¤° में तीन कप दूध पीने से आपको सà¤à¥€ पोषक ततà¥â€à¤µ मिल सकते हैं।
यह à¤à¥€ पढें: पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में अचà¥à¤›à¥€ नींद के लिठअपनाà¤à¤‚ ये तरीके
इन बातों का रखें धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨
दोपहर में डेयरी उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ जैसे कि दही का सेवन कर सकते हैं। नाशà¥â€à¤¤à¥‡ में दूध के साथ दलिया या ओटà¥à¤¸ ले सकते हैं। सैंडविच और सलाद पर लो-फैट चीज लगाकर खा सकती हैं। जो मिलà¥â€à¤• पॉइशà¥â€à¤šà¤°à¥€à¤•ृत न हो उसका सेवन करने से बचें। इस दूध से बने उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦ à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठसही नहीं है।
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